Rishto ki mithas

Rishto ki mithas

बात काफी पुरानी है। मेरे पड़ोस में रहने वाली आंटी अपने बेटे के लिए रिश्ता ढूंढ रही थी। उनका  बेटा एक मल्टीनेशनल कंपनी में software engineer  था और वो एक वर्किंग वाइफ ही चाहता था। फिर एक दिन आंटी ने मेरी मम्मी को बताया की उन्हें एक लड़की पसंद आ गयी है और उस से ही रिश्ता पक्का हो गया है। लड़की का नाम प्रियंका है और वो भी एक कंपनी में software engineer  है लेकिन वो नोएडा में है और आंटी का बेटा पुणे में था।

                                  आंटी ने मम्मी को बताया की उन्होंने प्रियंका से पूंछा की अगर कभी जॉब और घर में से किसी एक को चुनना पड़े तो क्या चुनोगी तो प्रियंका ने कहा की घर चुनेगी। आंटी की यह बात मुझे थोड़ी अजीब लगी की जो लड़की इतनी मेहनत करके पढ़ी और फिर जॉब कर रही है वो ऐसे कैसे जॉब छोड़ने को कह दी और आंटी ने पूंछा भी क्यों ये। लेकिन आंटी बहुत खुश थी और मैने भी उनसे कुछ नहीं पूंछा।

                                 कुछ समय बाद शादी हो गयी, सब बहुत खुश थे। मुझे लग रहा था की अब आंटी भाभी को जॉब छोड़ने के लिए कहेंगी और भैया के साथ पुणे जाने को कहेंगी, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ और फिर भैया वापस पुणे चले गए और भाभी नोएडा। भाभी ने पुणे में जॉब के लिए अप्लाई कर दिया था और पुरे छह महीने के बाद भाभी को भी पुणे में जॉब मिल गया और वो भी पुणे चली गयी पर तब तक भाभी ने नोएडा में ही जॉब किया।

                                         कुछ समय बाद भैया भाभी को एक बेटा हुआ और आंटी भी भाभी और पोते की देखभाल के लिए पुणे चली गयी। पुरे छह महीने आंटी वँहा रही और जब वापस आयी तो उनके साथ उनका पोता भी था। यह देखकर मुझे थोड़ा अजीब लगा की आंटी इतने छोटे बच्चे को उसकी मम्मी से अलग अपने साथ क्यों ले आयी और यह मैने आंटी से तुरंत पूंछा लिया तो उन्होंने बताया की प्रियंका अब अपनी जॉब दोबारा शुरू करना चाहती है और मै पुणे अंकल की जॉब की वजह से और ज्यादा नहीं रह सकती इसीलिए में इसे अपने साथ ले आयी क्यूंकि सुबह से शाम तक इसकी देखभाल के लिए कोई नहीं था और हम बच्चे को सँभालने के लिए किसी को नहीं रखना चाहते क्यूंकि हमे भरोसा नहीं। उस समय CCTV का ज्यादा प्रचलन भी नहीं था। फिर मैने आंटी से पूंछा की आपने भाभी को जॉब छोड़ने के लिए नहीं कहा क्यूंकि शादी के समय आप उनकी इस बात से काफी खुश भी थी की अगर घर और जॉब में से एक को चुनना होगा तो वो घर चुनेगी। इस बात पर आंटी मुस्कुरा गयी और फिर उन्होंने जो कहा वो सुनकर मेरे दिल में उनके लिए बहुत सम्मान बढ़ गया आंटी ने  कहा की बेटा मेरा उससे ये सवाल पूंछने का मतलब ये बिलकुल नहीं था की मै उसे कभी जॉब   छोड़ने को कहूंगी , मै तो उस से बस उसके मन की पूंछ रही थी । और रही बात पोते के देखभाल के लिए जॉब छोड़ने की तो ये  मेरे बहु और बेटे दोनों की जिम्मेदारी है तो सिर्फ बहु क्यों जॉब छोड़े और फिर अभी तो हम है ना उन्हें मद्दद करने के लिए,लड़की के माँ बाप भी पुरे अरमान से उसे पढ़ाते हैं और उसे उसके पैरो पर खड़ा देखना चाहते हैं ऐसे में घर की जिमेदारियों के नाम पर जॉब क्यों छोड़े लड़की, जबकि वो जिम्मेद्दारी पति और पत्नी दोनों की है उन्हें मिलकर जिम्मेदारी उठानी चाहिए। यह सब सुनकर मुझे लगा की अगर सास बहु एक दूसरे को थोड़ा समझे और एक दूसरे की भावनाओ का सम्मान करे तो ये रिश्ता बहुत ही प्यार  भरा हो सकता है । दोस्तों आपका क्या कहना है  इस बारे में क्या आंटी ने जो किया सही किया।

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