2-3 दिन का मायका
अंजना बहुत खुश थी पुरे 1 साल 6 महीने के बाद वो अपने घर यानि मायके जाने वाली थी होली पर। जाना तो सिर्फ 2-3 दिन के लिए ही था पर वो जाने वाली थी यही सोचकर खुश हो रही थी।
दरअसल अंजना जॉब करती थी तो पहले जॉब के चक्कर में घर नहीं जा पायी और फिर जब जाने वाली थी तो उसके ससुर जी की अचानक तबियत खराब हो गयी जिसके चलते वो घर नहीं गयी, अंजना ने भी ससुर जी की तबियत के चलते घर जाने के लिए नहीं कहा ,क्यूंकि उसे लगा की ससुराल में उसकी जरूरत है तो मायके बाद में चली जाउंगी और इस तरह 1.5 साल हो गया।
अब अंजना के मायके में एक छोटा सा function था छोटी होली के दिन , ससुर जी की तबियत भी पहले से ठीक थी अब,तो अंजना ने सोचा की अब जाउंगी और 2-3दिन रहकर आउंगी। अंजना को लग रहा था की कोई जाने के लिए कुछ कहे ना, तो इसीलिए उसने 2 महीने पहले ही सब को बता दिया जाने का और अपने पति विशाल को भी उसने बहुत बार जाने का कहा, पर विशाल हमेशा ये कह देता की जब जाना होगा तब बात करेंगे।
अब आया जाने से एक दिन पहले का दिन। अंजना ने फिर बता दिया की कल जाना है और शुरू हुआ बहु को घर पर रहने से रोकने का खेल। अंजना ने अपने सास ससुर और पति के सामने उन्हें याद दिलाया की उसे कल घर जाना है।
ससुर जी : कल जाकर वापस कब आओगी?
अंजना : 2-3 दिन रहूंगी और आ जाऊंगी।
ससुर जी : 2-3 दिन क्यों ,10-12 दिन रहकर आ ओ।
अंजना को समझ नहीं आया की ये सच में रहने को कह रहे हैं या ताना मार रहे हैं रहने का। इतने अंजना समझ पाती तो सासु माँ ने पहले ही कह दिया की इतने दिन की छुट्टियां नहीं मिलेंगी इसे ऑफिस से। अब तक अंजना समझ गयी थी की ससुर जी उसे ताना मार रहे थे पर अंजना कुछ कहे ना इसीलिए सासु माँ ने बात इस तरह सम्हाल ली। अंजना ने कुछ नहीं कहा, उसे लगा की चलो सासु माँ मेरे साथ हैं। अंजना ये सब सोच ही रही थी की उसे अचानक अपनी सासु माँ की आवाज़ सुनाई दी ,वो अपने बेटे विशाल यानी अंजना के पति को कुछ कह रही थी।
सासु माँ : अंजना का function तो पड़सो सुबह 10 बजे तक खत्म हो जायेगा।
विशाल : हाँ , खत्म हो जायेगा।
सासु माँ : तो उसे कह दो की पड़सो ही आ जाय,होली पर यंही रहे।
विशाल : ठीक है, कह देता हूँ।
यह सब अंजना सुन रही थी ,उसे बहुत दुःख हुआ की ये इस तरह से क्यों कह रही हैं। उसे लगा की यंहा के लिए सोच सोचकर वो कब से अपने घर नहीं गयी और अब वो जब जा रही है वो भी सिर्फ 2-3 दिन के लिए तो सबको क्यों दिक्कत है। पर फिर अंजना ने भी सोच लिया की वो इस बार 2-3 दिन रह कर ही आएगी , चाहें कोई कुछ कहे। फिर व्ही हुआ जो उसे लगा, विशाल आया उसे रोकने के लिए :
विशाल : अंजना क्या करोगी 2-3 दिन रह कर, पड़सो ही आजाओ वापस।
अंजना : विशाल क्या करूंगी का क्या मतलब है, 2-3 रह आउंगी और क्या।
विशाल : अरे अब होली है , अभी आ जाना और फिर दोबारा चली जाना।
अंजना : दोबारा कब विशाल , इतने समय बाद तो अब जा रही हूँ,होली की छुट्टी भी है ,फिर कँहा जाना होता है।
विशाल : अरे तो अब होली है ,होली यंही करनी चाहिए तुम्हे।
अंजना : अगर ऐसा था विशाल तो पहले से क्यों नहीं कहा की तुम 2-3 दिन पहले चली जाओ पर होली पर वापस आ जाना,सबको पहले से पता था जाने का तो ।
विशाल और अंजना के बीच थोड़ी बहस हुई तो सास ससुर सुन लेते हैं।
सासु माँ : विशाल कह रहा है तो आ जाना उसी दिन वापस।
अंजना : मै बस 2-3 दिन ही तो रहूंगी , फिर कब जाउंगी।
ससुर जी : तुम्हे विशाल की बात माननी चाहिए।
अंजना : शादी को 3 साल हो गये पर विशाल ने कभी नहीं कहा जाने के लिए इसका मतलब मुझे जाना ही नहीं चाहिए।
अब सब तरफ सन्नाटा था कोई कुछ नहीं बोला और अगले ही दिन अंजना चली गयी 2-3 दिन के लिए ।
Comments
Post a Comment